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राजनांदगांव। जिले की ख्याति प्राप्त संस्था गायत्री विद्यापीठ में 13 अप्रैल को सत्र 2026-27 का वार्षिक बेठक आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में विद्यालयीन शिक्षकों की उपस्थिति रही। बैठक के आरंभ में सचिव गगन लड्ढा द्वारा बैठक का उद्देश्य बताते हुए सभी को प्रेरक प्रसंग से जोड़कर संस्था की कार्य पद्धति से अवगत करवाया गया।
बैठक के दौरान गायत्री शिक्षण समिति के अध्यक्ष बृजकिशोर सुरजन ने शिक्षकों को परिवार, समाज, विद्यालय एवं राष्ट्र के विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका से अवगत करवाते हुए अपने उद्बोधन में कहा कि एक शिक्षक केवल ज्ञान का संवाहक ही नहीं होता बल्कि वह समाज का निर्माता और संस्कारों का संवाहक भी होता है। शिक्षक के आचरण, विचार और व्यवहार विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक परिवार में मार्गदर्शक, समाज में आदर्श नागरिक तथा विद्यालय में प्रेरणास्रोत के रूप में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करें। उन्होंने विद्यालय की विशेषताओं, उत्कृष्ट शैक्षणिक परिणामों, संस्कार युक्त वातावरण आदि को समाज के समक्ष प्रभावी रूप से प्रस्तुत करने पर बल दिया। साथ ही संस्थान की उपलब्धियों एवं अभिभावकों के साथ सकारात्मक संवाद स्थापित करने हेतु मार्गदर्शन दिया। साथ ही विद्यार्थियों एवं संस्थान की उन्नति हेतु पूर्ण समर्पण के साथ कार्य करने हेतु प्रेरित किया।
उक्त बैठक न केवल शिक्षकों के मार्गदर्शन का माध्यम बनी बल्कि संस्थान के उज्जवल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी सिद्ध हुई। उनके द्वारा विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ उनके सर्वांगीण विकास हेतु हर प्रकार की आवश्यक सुविधा उपलब्ध करवाने का भी आश्वासन दिया गया। साथ ही उन्होंने शिक्षकों के योगदान की भी मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
इस बैठक में मुख्य रूप से गायत्री शिक्षण समिति के अध्यक्ष बृजकिशोर सुरजन, संरक्षक नंदकिशोर सुरजन, सचिव गगन लड्ढा, प्राचार्य अंकित व्यास, श्रीमती पिंकी खंडेलवाल, सुश्री सीमा श्रीवास्तव, उपप्राचार्य श्रीमती रश्मि ठाकुर एवं श्रीमती तामेश्वरी साहू, स्कूल प्रशासक अनिल बाजपेयी, स्कूल मैनेजर तरणजीत सिंह टूटेजा एवं शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित थे।












