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राजनांदगांव। हिंदू जागरण मंच जिला राजनांदगांव के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर धर्म परिवर्तन के बाद भी अनुसूचित जाति के आधार पर शासकीय लाभ लेने वाले कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि संविधान के प्रावधानों के अनुसार अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग को मिलने वाले आरक्षण एवं अन्य लाभ केवल हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए ही मान्य हैं। यदि कोई व्यक्ति बाद में ईसाई या अन्य धर्म स्वीकार करता है, तो उसे उक्त लाभ प्राप्त करने का अधिकार नहीं रहता।
मंच के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि जिले में कुछ लोग धर्म परिवर्तन के बाद भी अपनी पूर्व जाति के आधार पर शासकीय नौकरी और आरक्षण का लाभ ले रहे हैं, जो नियमों के विपरीत है। उन्होंने इसे अन्य पात्र अभ्यर्थियों के अधिकारों का हनन बताया।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि सर्वोच्च न्यायालय के विभिन्न निर्णयों में यह स्पष्ट किया गया है कि केवल लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से किया गया धर्म परिवर्तन संविधान की भावना के विपरीत है। ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन को आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।
हिंदू जागरण मंच ने प्रशासन से मांग की है कि जिले में ऐसे मामलों की पहचान के लिए विशेष जांच अभियान चलाया जाए। साथ ही दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने और भविष्य में इस प्रकार की अनियमितताओं को रोकने के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
इस दौरान मंच के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की अपेक्षा व्यक्त की है।












