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- बरसात में भी नहीं थमा बैल दौड़ का रोमांच, गंज लाइन में 90 साल पुरानी परंपरा कायम
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बरसात में भी नहीं थमा बैल दौड़ का रोमांच, गंज लाइन में 90 साल पुरानी परंपरा कायम

राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के समृद्ध कृषि और ग्रामीण संस्कृति से जुड़े पारंपरिक पर्व पोला के अवसर पर शहर के गंज लाइन में भव्य बैल दौड़ का आयोजन किया गया। तेज बारिश के बावजूद आयोजकों और दर्शकों के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। बरसते पानी के बीच लखोली नाका से तिरंगा चौक तक आयोजित इस रोमांचक दौड़ में 22 बैल जोड़ियों ने हिस्सा लिया, जिसमें नंदई निवासी धनुष कुमार सोनकर की बैल जोड़ी ने पहला स्थान हासिल कर बाजी मारी।
गंज लाइन में पोला पर्व पर बैल दौड़ की यह परंपरा पिछले 90 वर्षों से लगातार जारी है। बाल समाज गणेश उत्सव समिति और गंज लाइन व्यवसायी जन मिलकर इस पारंपरिक आयोजन को वर्षों से आगे बढ़ा रहे हैं।
समिति के संरक्षक सूर्यकांत जैन ने बताया कि पोला छत्तीसगढ़ की संस्कृति का प्रमुख पर्व है, जिसमें किसान कृषि कार्य में सहयोग देने वाले पशुधन की पूजा-अर्चना कर उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। इसी परंपरा को जीवंत रखने के लिए हर साल गंज लाइन में भव्य मेले और बैल दौड़ का आयोजन किया जाता है।
जैसे ही लखोली नाका से दौड़ शुरू हुई, सड़क के दोनों ओर मौजूद दर्शकों का उत्साह चरम पर पहुंच गया। तालियों की गड़गड़ाहट के बीच 22 बैल जोड़ियों ने अपनी ताकत और रफ्तार का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता समाप्त होने के बाद विजेता जोड़ियों के मालिकों और सभी प्रतिभागियों को सम्मानित कर पुरस्कृत किया गया।
बाल समाज के नवनियुक्त अध्यक्ष धीरज पोरवाल ने आयोजन को सफल बनाने के लिए शहरवासियों और व्यवसायियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि ऐसे पारंपरिक आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और समृद्ध संस्कृति से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं।
कार्यक्रम को सफल बनाने में सूर्यकांत जैन, दामू भूतड़ा, कैलाश राठी, मोहन चुनरकर, रूपेश गुप्ता, मनोज बेद, मुन्ना अग्रवाल, शिव राठी, लाली जैन, राजीव जैन, गोपू शर्मा, मनीष खंडेलवाल, जीतू चोपड़ा और ज्ञानु सहित बाल समाज के सदस्यों की प्रमुख भूमिका रही।











