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रोटी में घी लगाने से क्या घट जाता है मोटापा? किस तरह करता है शरीर पर असर

भारत में सदियों से शुद्ध घी का कई बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल किया जाता है. अगर किसी को सर्दी-खांसी हो जाए तो दूध में घी और हल्दी मिलाकर पिलाया जाता है. आयुर्वेद में माना जाता है कि घी से दिमाग और शरीर दोनों मजबूत होता है. इसलिए पुराने जमाने के लोग शुद्ध घी को राजाना खाते थे. लेकिन आजकल फास्ट फूड वाले जमाने में शुद्ध देसी घी मिलना मुश्किल है और इस कारण घी की जगह बटर या क्रीम का सेवन किया जाता है जिसके कारण कई नुकसान उठाना पड़ता है. इधर हेल्थ को लेकर सतर्क युवाओं में इस बात को लेकर कंफ्यूजन रहता है कि अगर घी को रोटी में लगाकर खाएं तो इससे मोटापा बढ़ सकता है या घट सकता है. आखिर इसकी सच्चाई क्या है. इसी बात को लेकर हमने अपोलो अस्पताल, बेंगलुरु की चीफ क्लिनिकल न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. प्रियंका रोहतगी से बात की.
शुद्ध घी होता क्या है
डॉ. प्रियंका रोहतगी ने बताया कि सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि घी होता क्या है. बाजार में जो घी मिलता है, उसपर यकीन नहीं किया जा सकता है. दरअसल, घी वह होता है जब दूध को मथकर उसमें से मलाई निकाली जाती है. इस मलाई को धीमी आंच पर रखी जाती है और उससे घी निकाला जाता है. यह शुद्ध देसी घी है. शुद्ध देसी घी में अच्छे फैट यानी सैचुरेटेड फैट, मोनोसैचुरेटेड फैट और पोलीसैचुरेटेड फैट होता है. इसके साथ ही इसमें प्रोटीन, विटामिन ए, विटामिन ई और विटामिन के भरपूर मात्रा में पाया जाता है. जो विटामिन फैट में घुलनशील है, उन्हें शरीर के अंदर अवशोषित करने के लिए इसी तरह के फैट की जरूरत होती है. कुछ लोग बाजार से मख्खन लेकर आ जाते हैं उसे घर में घी बनाते हैं लेकिन यह शुद्ध घी नहीं हुआ. अगर आप अनसॉल्टेड बटर को घर पर लाएं और उसे दूध की तरह ही मथ कर उसमें से मलाई निकाल लें और इससे घी बनाएं तो यह शुद्ध घी है .
शुद्ध घी से क्या-क्या फायदे है
डॉ. प्रियंका ने बताया कि अगर शुद्ध देसी घी का सीमित मात्रा में इस्तेमाल किया जाए तो इससे शरीर को कई फायदे हैं. अब सवाल उठता है कि अगर रोटी में घी को लगाकर खाया जाए तो इससे वजन बढ़ेगा या घटेगा. डॉ. प्रियंका ने बताया कि यदि एक-दो चम्मच शुद्ध घी को रोटी में मिलाकर रोजाना इस्तेमाल किया जाए तो इससे कोई नुकसान नहीं है. उन्होंने कहा कि पूरे दिन में सब मिलाकर सिर्फ 3 चम्मच चिकनाई वाली चीजें खानी चाहिए. इनमें से अगर आप एक या दो चम्मच घी को रोटी में लगाकर सुबह खाएंगे तो यह पूरा पेट भरा हुआ महसूस होगा. घी में फैट सॉल्यूबल विटामिन भी होता है जो हार्मोन को बैलेंस कर कोलेस्ट्रॉल को भी कंट्रोल करेगा. इसके साथ ही घी फ्री रेडिकल्स को कम करता है. घी को जब रोटी या किसी चीज में मिला देंगे तो उसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम हो जाएगा. यानी यह शुगर के मरीजों के लिए फायदेमंद है. यह अचानक ब्लड शुगर को बढ़ने नहीं देता. शुद्ध घी का सेवन दिमाग को भी तेज करता है. उम्र के साथ जो दिमाग के अंदरुनी हिस्से में सिकुड़न होती है वह कम हो जाता है. इसके साथ ही शुद्ध घी से जोड़ों के दर्द को भी कम करता है.
घी को किस तरह खाएं
डॉ. प्रियंका रोहतगी ने बताया कि घी में फैटी एसिड का कंटेंट बहुत ज्यादा होता है. रोटी में घी लगाने से इसमें एसेंशियल फैटी एसिड की मात्रा ज्यादा हो जाती है. इससे शरीर को ज्यादा फायदा मिलता है. लेकिन इसके लिए भी नियम है. अगर आप घी को आग में बहुत पका देंगे तो इसका कंटेंट खराब हो जाएगा और इसका ऑक्सीडेशन भी हो जाएगा. इससे नुकसान करेगा. इसलिए जब आप इसे रोटी में लगाते हैं तो इसे पराठे की तरह तवे पर घी को डालकर मत बनाएं. पहले रोटी को फुलाकर बाहर कर लें और उसमें थोड़ी मात्रा में घी लगा दें. इसी तरह अगर दाल में घी को मिलाना है तो पहले दाल को उतार लें और उसमें घी को ऐसे ही मिला दें. घी को गर्म न करें.
कितना घी खाएं कि मोटापा न बढ़ें
डॉ. प्रियंका रोहतगी ने बताया कि फैट हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण है लेकिन कोई भी चीज जरूरत से ज्यादा नुकसान पहुंचाता है. इसलिए एक दिन में 3 से 4 चम्मच घी से ज्यादा नहीं खाना चाहिए. कोशिश यह होनी चाहिए कि हर हाल में टोटल फैट की मात्रा नहीं बढ़ें. अगर ज्यादा घी खाएंगे तो कैलोरी ज्यादा बढ़ेगी और इससे मोटापा भी बढ़ सकता है और कोलेस्ट्रॉल भी बढ़ सकता है.
















