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बरसात में भूलकर भी न खाएं ये फूड्स, तुरंत बिगड़ जाएगी तबीयत, आयुर्वेद में भी सख्त मनाही

स्वस्थ रहने के लिए पोषक तत्वों से भरपूर डाइट लेनी चाहिए. आमतौर पर लोगों को हरी सब्जियां खाने की सलाह दी जाती है, लेकिन बारिश के मौसम में डाइट में बड़े बदलाव कर लेने चाहिए. यह मौसम अपने साथ कई बीमारियां लेकर आता है और लोगों को स्वस्थ रहने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है. बरसात में ज्यादातर हरी सब्जियों से दूरी बनाने में ही फायदा है. आयुर्वेद में हर मौसम के लिए अलग डाइट प्लान बताया गया है, जिसे अपनाकर स्वस्थ रहा जा सकता है. आयुर्वेद में बरसात में कई खाने-पीने की चीजों की मनाही है, जो सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकती है. आज आपको बताएंगे कि इस मौसम में किन फूड्स का सेवन करने से बचना चाहिए.
यूपी के अलीगढ़ आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. पीयूष माहेश्वरी के अनुसार बरसात के मौसम में नमी की मात्रा ज़्यादा होने के कारण वात दोष असंतुलित हो जाता है और पाचन शक्ति कमज़ोर हो जाती है. बारिश में उमस, गर्मी और गंदगी के कारण शरीर में पित्त दोष जमा होने लगता है, जिससे बीमारियां फैलने लगती हैं. वर्षा ऋतु में व्यक्ति की शक्ति क्षीण हो जाती है. ऐसे में स्वस्थ रहने के लिए खान-पान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है. पानी को स्वच्छ रखने पर ज़्यादा ध्यान देना चाहिए, क्योंकि दूषित पानी की वजह से हैजा, फूड पॉइजनिंग जैसी कई बीमारियां हो सकती हैं. घर का बना ताजा खाना सेहत के लिए अच्छा होता है और बारिश में जंक फूड से दूरी बनानी चाहिए.
आयुर्वेद में इन चीजों की है मनाही
डॉ. पीयूष माहेश्वरी के मुताबिक आयुर्वेद में बताया गया है कि बरसात में शरीर का वात बढ़ जाता है. इसलिए तीखे, नमकीन, तले-भुने खाद्य पदार्थों का सेवन इस मौसम में नहीं करना चाहिए. इससे आपकी पाचन क्रिया प्रभावित हो सकती है. बरसात में कसैली चीजें जैसे कि अखरोट, जौ और सूखी चीजें कम खानी चाहिए. हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, पत्तागोभी, मेथी, बैंगन जैसी सब्जियों का सेवन भी नहीं करना चाहिए. पचने में भारी, वातवर्धक और बासी खाना बिल्कुल नहीं खाना चाहिए. बरसात के मौसम में शराब, मांस, मछली और दही का सेवन भी नहीं करना चाहिए. ऐसा करने से तबीयत खराब हो सकती है. पेट से संबंधित परेशानियां हो सकती हैं और सेहत को भारी नुकसान हो सकता है.
बरसात में ये काम भी नुकसानदायक
आयुर्वेद एक्सपर्ट की मानें तो चरक संहिता में बताया गया है कि बारिश के मौसम में कई काम भी नहीं करने चाहिए. इस मौसम में दिन में सोना, ओस गिरते समय उसमें बैठना या घूमना और बारिश में भीगना सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है. बरसात में रात में खुले आकाश के नीचे नहीं सोना चाहिए. इससे कई खतरे हो सकते हैं. नहाने के बाद गीले कपड़े नहीं पहनने चाहिए. रात को देर से भोजन नहीं करना चाहिए. रात में ज्यादा देर जागना नहीं चाहिए और घंटों धूप में रहने से बचना चाहिए. बारिश के मौसम में ज्यादा एक्सरसाइज और मेहनत करना भी शरीर के लिए खतरनाक है.















