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जमीन सौदे में लाला यादव ने कहा- धोखाधड़ी नहीं, विवादित हिस्से के कारण रूकी रजिस्ट्री

राजनांदगांव। ग्राम पेण्ड्री में जमीन सौदे को लेकर दर्ज धोखाधड़ी के मामले में आरोपी लाला यादव ने अपने ऊपर लगे आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि जमीन का सौदा 2.5 करोड़ रुपए में हुआ था और निर्धारित 48 डिसमिल जमीन के एवज में विक्रेता को 25 लाख रुपए एडवांस के रूप में दिए गए थे। इसके बाद इकरारनामा में तय शर्तों के अनुसार जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए विक्रेता से कहा गया था।
लाला यादव के मुताबिक, रजिस्ट्री की प्रक्रिया आगे बढ़ने के दौरान उन्हें जानकारी मिली कि जमीन के सामने वाले हिस्से को लेकर न्यायालय में मामला लंबित है। उनका कहना है कि विवादित जमीन की स्थिति स्पष्ट हुए बिना रजिस्ट्री कराना संभव नहीं था। इसी वजह से उन्होंने विक्रेता से स्पष्ट रूप से कहा कि पहले जमीन से संबंधित विवाद का निराकरण कराया जाए, इसके बाद रजिस्ट्री कराकर सौदे की पूरी राशि का भुगतान कर दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में दोनों पक्षों के बीच इकरारनामा भी हुआ है, जिसमें जमीन की बिक्री और आगे की प्रक्रिया से संबंधित शर्तें दर्ज हैं। यादव का दावा है कि उन्होंने जमीन हड़पने या विक्रेता के साथ धोखाधड़ी करने की नीयत से कोई काम नहीं किया है।
‘पुलिस ने जल्दबाजी में दर्ज की एफआईआर’
यादव ने पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पूरे मामले में दस्तावेजों और वास्तविक विवाद की स्थिति को विस्तार से समझे बिना उनके खिलाफ जल्दबाजी में एफआईआर दर्ज की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके पक्ष में मौजूद इकरारनामा और जमीन से जुड़े न्यायालयीन विवाद को पर्याप्त रूप से ध्यान में नहीं रखा।
यादव का कहना है कि वे जांच में पुलिस का पूरा सहयोग करने के लिए तैयार हैं और उनके पास सौदे, एडवांस राशि तथा इकरारनामा से संबंधित दस्तावेज मौजूद हैं। उनका दावा है कि दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच होने पर वास्तविक स्थिति सामने आ जाएगी।









