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नंद घर मुहिम से जुड़े मनोज बाजपेयी: उद्देश्य है- 7 करोड़ बच्चों और 2 करोड़ महिलाओं के जीवन को बेहतर बनाया जाए...

व्यापार 02 May 2024 (290)

खाना खाया क्या...! सभी बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण पोषण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू किया गया #खानाखायाक्या आंदोलन

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देश24 न्यूज: 

मुंबई. करीब 14 लाख आंगनवाड़ियों में सुधार करने के लक्ष्य के तहत, नंद घर ने अभिनेता मनोज बाजपेयी के साथ पूरे देश में एक विशेष कैंपेन की शुरूआत की है, जिसका शीर्षक है 'अगर बचपन से पूछा- खाना खाया तो देश का कल बनाया।' नंद घर द्वारा चलाए जा रहे इस कैंपेन का उद्देश्य भावी पीढ़ी को पोषित करना है, जिसमें समग्र स्वास्थ्य देखभाल, गुणवत्तापूर्ण पोषण और बच्चों को सर्वोत्तम प्री-स्कूल शिक्षा प्रदान करना शामिल है।


इस मुहिम में शामिल होने पर मनोज बाजपेयी का स्वागत करते हुए अनिल अग्रवाल, चेयरमैन, वेदांता, ने कहा, प्रोजेक्ट नंद घर पूरे देश में बच्चों और महिलाओं को स्वस्थ और सुपोषित रहने में मदद करने पर केंद्रित है। मनोज बाजपेयी जी का इस महत्वपूर्ण मुहिम से जुड़ना हमारे लिए गर्व का विषय है। उनके निजी जीवन के अनुभव भावी पीढ़ियों के जीवन को बेहतर और सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं, जो कि नंद घर के उद्देश्य के साथ बखूबी मेल खाते हैं।

इस मुहिम के लॉन्च के दौरान, मनोज बाजपेयी ने बतौर युवा थिएटर अभिनेता अपनी कहानी साझा की। उन्होंने अपने शुरूआती दिनों को याद करते हुए बताया कि कैसे उनके दोस्तों ने नियमित और पौष्टिक भोजन के माध्यम से उनके सपनों को पूरा करने में मदद की। बाजपेयी ने कलाकारों के सामने आने वाली चुनौतियों के बारे में भावुकता से बात की और इस बात पर जोर या कि अपने सपनों को पूरा करने के लिए पर्याप्त भोजन करना बेहद जरूरी है। उन्होंने लोगों को www.nandghar.org पर जाकर दान, स्वयंसेवा या साझेदारी के माध्यम से योगदान करके नंद घर का समर्थन करने के लिए भी प्रोत्साहित किया। बताते चलें कि नंद घर अनिल अग्रवाल फाउंडेशन (आफ) का फ्लैगशिप प्रोजेक्ट है। चेयरमैन अनिल अग्रवाल के सपने को प्रखर रखते हुए यह प्रोजेक्ट यह सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत है कि कोई भी बच्चा भूखा न सोए। नंद घर के लिए अभूतपूर्व उपलब्धि के रूप में, हम भारत के 14 राज्यों में स्थित सभी नंद घरों में न सिर्फ प्री-स्कूल्स की उपस्थिति का विस्तार करने, बल्कि कुपोषण के स्तर को कम करने में भी सफल रहे हैं। विगत वर्ष, आफ ने मल्टी-मिलेट न्यूट्री बार लॉन्च किया था। 

मनोज बोले- बहुत कारगर होती है नंद घर जैसी पहल...

नंद घर के साथ जुड़ने को लेकर उत्साहित मनोज बाजपेयी ने कहा, व्यक्तिगत तौर पर भूख की पीड़ा से गुजरने के कारण मेरा मानना है कि जो व्यक्ति भूख का सामना करता है, उसका शरीर, मस्तिष्क और भावनाएं काफी प्रभावित होती हैं। इसके समाधान के रूप में प्रोजेक्ट नंद घर जैसी पहलें बेहद कारगर हैं। यह सिर्फ यही सुनिश्चित नहीं करती है कि बच्चों को उचित पोषण मिले, बल्कि यह उज्जवल भविष्य के रूप में आशा और अवसर भी लेकर आती है। आइए, नंद घर की इस पहल के माध्यम से हम सभी मिलकर बच्चों के बेहतर पोषण में योगदान दें और एक उज्जवल भारत की नींव रखें।

बच्चों के बेहतर पोषण पर ध्यान देना बहुत जरूरी:

मैककैन द्वारा परिकल्पित इस कैंपेन पर अपने विचार रखते हुए प्रसून जोशी, सीईओ और सीसीओ, मैककैन वर्ल्डग्रुप इंडिया, और चेयरमैन, एशिया पैसिफिक ने कहा, यदि हम चाहते हैं कि बच्चे अपनी वास्तविक क्षमता से रूबरू हों, तो उनके बेहतर पोषण पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। इसे उजागर करने का इससे बेहतर तरीका क्या हो सकता है कि आप भारत के कुछ सबसे लोकप्रिय व्यक्तियों की कहानियां साझा करें, जिन्होंने अपने जीवन में इस मुश्किल का खुद सामना किया है।

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