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Menstrual Hygiene Week: मासिक धर्म क्या होता या सेहत पर कैसा असर डालता है यह... इस पर खुलकर हुई बात... किया जागरुक...

व्यापार 04 June 2024 (656)

नई किरण: वेदांता एल्यूमिनियम ने जमीनी स्तर पर लोगों के बीच जाकर किए कार्यक्रम, पीरियड पावर्टी की घटनाओं को कम करने की हुई कोशिश...

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देश24 न्यूज: 

Mumbai. भारत की सबसे बड़ी एल्यूमिनियम उत्पादक वेदांता एल्यूमिनियम (Vedanta Aluminum) ने मेंस्ट्रुअल हाइजीन वीक (Menstrual Hygiene Week) के अवसर पर अपने प्रचालनों के आसपास के इलाकों में मासिक धर्म (Menstruation) के दौरान सेहत व स्वच्छता के अभ्यास के बारे में जागरुकता कार्यक्रम संचालित किए। इस पहल के तहत मासिक धर्म (Menstruation) संबंधी गलत धारणाओं और वर्जनाओं को दूर करने का प्रयास किया गया। इस बीच पीरियड पावर्टी (Period Poverty) की घटनाओं को कम करने की कोशिश की गई तथा समुदाय के लोगों को सशक्त किया गया कि वे अपने परिवारों के स्वास्थ्य व कल्याण हेतु जानकारीपूर्ण विकल्प चुन सकें।


माहवारी की सेहत व स्वच्छता एक ऐसा विषय है जिसे ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर अनदेखा किया जाता है। गांवों में लोग इस विषय से संबंधित गलत धारणाओं में उलझे हुए हैं और इस बारे में खुल का बात नहीं करते। इस वजह से गांवों की महिलाओं व लड़कियों को मेंस्ट्रुअल स्वास्थ्य उत्पाद प्राप्त करने में चुनौतियों का सामना करना पड़ता है जिसके चलते उनमें स्वास्थ्य संबंधी मामले बढ़ जाते हैं। इसलिए वेदांता एल्यूमिनियम ने इस जरूरत का समाधान करने के लिए जागरुकता एवं कौशल विकास कार्यक्रमों को जमीन पर उतारा है। 

झारसुगुडा में है दुनिया का सबसे बड़ा एल्यूमिनियम प्लांट:

कंपनी के प्रचालनों में झारसुगुडा में दुनिया का सबसे बड़ा एल्यूमिनियम प्लांट और लांजिगढ़, ओडिशा में विश्व स्तरीय एल्यूमिना रिफाइनरी तथा राज्य में कुछ खनन प्रचालन भी शामिल हैं। कोरबा, छत्तीसगढ़ में भारत की आइकॉनिक एल्यूमिनियम उत्पादक बाल्को भी कंपनी के प्रचालन में है। कंपनी के अधिकांश प्रचालन भारत के ग्रामीण एवं अर्ध-ग्रामीण हिस्सों में हैं और कंपनी ने विकास के जो व्यापक प्रयास किए हैं उनकी वजह से उनके प्रचालनों के आसपास के इलाकों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।

रात्रि चौपाल में हुए कई मनोरंजक कार्यक्रम:

मेंस्ट्रुअल हाइजीन वीक के दौरान कंपनी ने बाल्को के मेंस्ट्रुअल हैल्थ प्रोजेक्ट नई किरण के अंतर्गत जागरुकता कार्यक्रमों की एक श्रृंखला चलाई। इसमें शामिल थी मनोरंजन एवं जानकारी से भरपूर एक संध्या जिसे शीर्षक दिया गया रात्रि चौपाल, इसे संयंत्र के आसपास के स्थानीय गांवों में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में कठपुतली के खेल से लेकर सामाजिक वृत्तचित्र व फिल्म प्रदर्शन शामिल थे जो महिला स्वास्थ्य के बारे में थे। इसके अतिरिक्त बाल्को के कर्मचारियों ने स्वैच्छिक सेवाएं देते हुए क्षमता निर्माण कार्यक्रम के तहत गांव के लोगों के संग रियूजेबल पैड सिले, जिन्हें बाद में आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं व लड़कियों को वितरित किया गया। 

सेफ स्पेसिस कैम्पेन में बताई जरूरी बातें: 

इसके साथ ही सेफ स्पेसिस कैम्पेन भी चलाई गई जहां कंपनी ने पीरियड प्रोडक्ट बेचने वाले स्थानीय कारोबारी संगठनों से सहभागिता कर मेंस्ट्रुअल स्वास्थ्य पर जागरुकता बढ़ाई। उनके कारोबारी स्थल पर इस थीम का एक स्टिकर ऐसी जगह लगाया जहां से वह सबको नजर आए, इस प्रकार सूक्ष्म तरीके से मेंस्ट्रुएशन के बारे में बातचीत को प्रोत्साहित किया गया और पीरियड प्रोडक्ट्स तक पहुंच को सुगम किया गया। इन जागरुकता कार्यक्रमों से 1500 से अधिक लोगों को लाभ हुआ, हर कार्यक्रम इस तरह रखा गया कि मेंस्ट्रुएशन के इर्दगिर्द बातचीत को सुगम करे और सामाजिक अवरोधों को तोड़ सके।

अपने मिशन में लगातार आगे बढ़ रही है कंपनी:

बताते चलें कि, वेदांता लिमिटेड की इकाई वेदांता एल्यूमिनियम (Vedanta Aluminum) भारत की सबसे बड़ी एल्यूमिनियम उत्पादक है। वित्तीय वर्ष 23 में 22.9 लाख टन उत्पादन के साथ कंपनी ने भारत के कुल एल्यूमिनियम का आधे से ज्यादा हिस्सा उत्पादित किया। यह मूल्य संवर्धित एल्यूमिनियम उत्पादों के मामले में अग्रणी है जिनका उपयोग कई अहम उद्योगों में किया जाता है। वेदांता एल्यूमिनियम को एल्यूमिनियम उद्योग में एस एंड पी ग्लोबल कॉपोर्रेट सस्टेनेबिलिटी असैसमेंट 2023 में पहली वैश्विक रैंकिंग मिली है, यह उपलब्धि कंपनी की सस्टेनेबल विकास प्रक्रियाओं को प्रतिबिम्बित करती है। भारत में अपने विश्वस्तरीय एल्यूमिनियम स्मेल्टर्स और एल्यूमिना रिफाइनरी के साथ कंपनी हरित भविष्य के लिए विभिन्न कार्यों में एल्यूमिनियम के प्रयोग को बढ़ावा देने और इसे भविष्य की धातु के रूप में पेश करने के अपने मिशन में लगातार आगे बढ़ रही है। 

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