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प्रदीप शर्मा के मार्गदर्शन से अमित चौबे ने खड़ा किया ‘भारत ग्राम ऑर्गेनिक्स’, 30 हजार से शुरू हुआ कारोबार पहुँचा लाखों में

करीब तीन साल पहले अमित चौबे दिल्ली में रहकर भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान राजनांदगांव प्रवास पर उनकी मुलाकात प्रदीप शर्मा से हुई। इस मुलाकात ने अमित के जीवन को एक नया मोड़ दिया। महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण विकास और लघु उद्योगों की संभावनाओं पर हुई लंबी चर्चा के बाद प्रदीप शर्मा ने उन्हें छोटे कौशल आधारित उद्योगों का प्रोजेक्ट तैयार करने और समाजोपयोगी विषयों पर पुस्तक लिखने की सलाह दी थी।
दिल्ली से अपनी पढ़ाई पूरी कर लौटने के बाद अमित ने एक बार फिर प्रदीप शर्मा से मार्गदर्शन लिया। शर्मा की सलाह पर उन्होंने तीन साल पुराने प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया और जैविक कृषि से जुड़े व्यवसाय ‘भारत ग्राम ऑर्गेनिक्स’ की नींव रखी।
अमित चौबे बताते हैं कि प्रदीप शर्मा के मार्गदर्शन से उन्हें न केवल व्यवसाय शुरू करने की प्रेरणा मिली, बल्कि समाज सेवा से जुड़ने का रास्ता भी मिला। उनके मार्गदर्शन में अमित ने महिला सशक्तिकरण जैसे गंभीर विषयों पर सात पुस्तकों का लेखन भी किया है।
आज ‘भारत ग्राम ऑर्गेनिक्स’ के बैनर तले गांव-गांव जाकर किसानों को जैविक कृषि के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसके साथ ही ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए महिला स्व-सहायता समूहों को व्यावसायिक गतिविधियों से जोड़ा जा रहा है और उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
अमित चौबे का मानना है कि सही समय पर मिला सही मार्गदर्शन जीवन की दिशा बदल देता है। वहीं, प्रदीप शर्मा का कहना है कि देश के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, जरूरत सिर्फ उन्हें सही दिशा और अवसर देने की है। यदि युवा स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर छोटे उद्योग शुरू करें, तो वे खुद तो आत्मनिर्भर बनेंगे ही, साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई ऊंचाइयों पर ले जा सकेंगे। अमित चौबे की यह सफलता आज के युवाओं के लिए एक मिसाल बन चुकी है।










