Breaking
- विद्यार्थियों को बताए कानूनी अधिकार, पॉक्सो एक्ट और मुफ्त कानूनी सहायता की दी...
- छत्तीसगढ़ की वर्षगांठ की तोमर ने दी बधाई
- भीम आर्मी के संगठन मंत्री इमानवेल सिंह को निजी तस्वीरें भेजकर ब्लैकमेल करने ए...
- भीम आर्मी के संगठन मंत्री इमैनुएल सिंह को निजी तस्वीरें भेजकर ब्लैकमेल करने ए...
- संस्कार सिटी कॉलेज में दीपावली उत्सव, रंगोली और दीया सजाओ प्रतियोगिता में विद...
- खेतों में बिछी धान की फसल देख किसानों का दर्द जाना, मुआवजे के लिए शहर कांग्रे...
- लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा के लिए 1 नवंबर की दिल्ली महारैली में शामिल होंग...
- धान खरीदी से पहले किसानों की समस्याएं दूर करे सरकार : भूपेश तिवारी
- विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल ने वाल्मीकि जयंती पर गणेश और दुर्गा उत्सव समितियों...
- राजनांदगांव की बास्केटबॉल कन्या टीम बनी राज्यविजेता, फाइनल में रायपुर को दी श...
भीम आर्मी के संगठन मंत्री इमैनुएल सिंह को निजी तस्वीरें भेजकर ब्लैकमेल करने एवं अवैध वसूली के प्रयास का आरोप, SP से निष्पक्ष जांच की मांग

राजनांदगांव। भीम आर्मी भारत एकता मिशन जिला राजनांदगांव के संगठन मंत्री इमैनुएल सिंह को कुछ लोगों द्वारा कथित रूप से व्यक्तिगत रूप से, सोशल मीडिया एवं डाकघर के माध्यम से उनकी निजी तस्वीरें भेजकर ब्लैकमेल करने तथा अवैध वसूली करने का प्रयास किए जाने का मामला सामने आया है।
इस मामले को गंभीरता से लेते हुए भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष मुकेश शेंडे के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारियों द्वारा पुलिस अधीक्षक राजनांदगांव को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा इसमें संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों मनोज कडउ, प्रशांत योले और उसकी पत्नी के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है।
संगठन का कहना है कि किसी व्यक्ति की निजी तस्वीरों का इस्तेमाल कर उसे डराना, सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का भय दिखाना और उसके माध्यम से अवैध धन वसूली का प्रयास करना गंभीर विषय है। यदि किसी के पास किसी व्यक्ति के विरुद्ध कोई वास्तविक शिकायत या साक्ष्य है, तो उसे कानून के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए, न कि निजी तस्वीरों के माध्यम से दबाव बनाकर ब्लैकमेल करने का प्रयास करना चाहिए।
भीम आर्मी ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस मामले में प्राप्त शिकायत, सोशल मीडिया गतिविधियों, डाकघर के माध्यम से भेजी गई सामग्री एवं अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की बारीकी से जांच की जाए। साथ ही शिकायतकर्ता की निजता एवं सुरक्षा का ध्यान रखते हुए दोषियों की पहचान कर उचित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
भीम आर्मी का स्पष्ट कहना है कि संगठन अपने पदाधिकारियों के सम्मान, निजता एवं अधिकारों की रक्षा के लिए संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाता रहेगा।










