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एसआईआर के खिलाफ आप ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन : भूपेश तिवारी ने सीईसी पर कार्रवाई और मतदाता सूची की जांच की मांग की

राजनांदगांव। मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर जारी राजनीतिक घमासान के बीच आम आदमी पार्टी (आप) ने राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपकर निर्वाचन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। आम आदमी पार्टी के राजनांदगांव लोकसभा अध्यक्ष एवं विधानसभा प्रभारी भूपेश तिवारी के नेतृत्व में यह ज्ञापन भेजा गया, जिसमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई और एसआईआर प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराने पर जोर दिया गया है।
ज्ञापन में आम आदमी पार्टी ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 13.47 करोड़ मतदाताओं के नाम प्रभावित हुए हैं। पार्टी का आरोप है कि बड़ी संख्या में पात्र नागरिकों के नाम हटाए जाने से मताधिकार और चुनावी पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं। आप ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, आपराधिक साजिश के आरोपों में प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार करने तथा पूरी एसआईआर प्रक्रिया की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग रखी है।
ज्ञापन में विशेष रूप से छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची से हटाए गए नामों के निष्पक्ष सत्यापन और पुनरीक्षण की मांग की गई है। आप नेताओं का कहना है कि वर्ष 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान भी मतदाता सूची में अनियमितताओं के साक्ष्य चुनाव आयोग को सौंपे गए थे, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। पार्टी ने पिछले दो वर्षों में जिन राज्यों में चुनाव हुए हैं, वहां की मतदाता सूचियों का स्वतंत्र ऑडिट कराने और गलती से हटाए गए पात्र मतदाताओं के नाम तत्काल बहाल करने का आग्रह किया है।
दूसरी ओर, निर्वाचन आयोग ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि मतदाता सूचियों का संशोधन पूरी तरह से निर्धारित कानूनी प्रावधानों के अनुरूप ही किया जा रहा है। आयोग के अनुसार, पात्र मतदाताओं को जोड़ने और आपत्तियों के निवारण के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई गई हैं। एसआईआर के तहत मतदाता अपना नाम जांचने और दस्तावेज जमा करने के लिए निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर मौजूद सुविधाओं का उपयोग कर सकते हैं।










