देश24 न्यूज:
रायपुर. क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष भाई वीरेन्द्र सिंह तोमर ने केंद्रीय शिक्षा मँत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को आँदोलनरत युवाओं की आधी लेकिन महत्वपूर्ण जीत बताया है. उन्होंने कहा कि युवाओं की पूरी जीत तब होगी जब शिक्षा व्यवस्था में "आमूल - चूल " (जड़ से चोटी तक या पूर्ण और बुनियादी बदलाव होता है) परिवर्तन नज़र आने लगेगा.
सेना के प्रदेश अध्यक्ष भाई तोमर ने कहा कि कलम देश की बड़ी शक्ति है, भाव जगाने वाली, दिल की नहीं दिमागों में भी आग लगाने वाली लेकिन शायद यह सरकार भूल गई थी. तभी तो एक के बाद एक पेपरलीक होते गए.
पेपरलीक के चलते कई युवा विद्यार्थियों को समय से पहले खोने पर शोक जताते हुए तोमर कहते हैं कि जँतर मँतर बीते कई हफ्तों से युवाओं की कर्मभूमि बना हुआ है. उनकी माँग भी जायज थी और है.
उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी युवा जाति - धर्म - भाषा - राज्य से परे महज हिंदुस्तानी होने के नाते अपनी माँग उठा रहे थे और निर्दयी सरकार अपनी पुलिस के सहारे उन्हें दबाने पीटने पर आतुर थी. इसके बावजूद युवाओं ने सँयम रखा. वह पुलिसकर्मियों का स्वागत करते नज़र आए.
दुष्यँत कुमार के प्रसिद्ध शेर...
"हो गई है पीर पर्वत-सी पिघलनी चाहिए,
इस हिमालय से कोई गँगा निकलनी चाहिए.
सिर्फ हँगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं,
मेरी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए.
मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही,
हो कहीं भी आग, लेकिन आग जलनी चाहिए."
का उल्लेख करते हुए वह कहते हैं कि युवाओं ने आज देश को एक नई दिशा दी है. प्रधान का प्रस्थान करना बताता है कि जनता जिंदा है, सत्ता कायर है ! घर से नहीं, डर से बाहर निकले युवा अब हिंदुस्तान की बाकी समस्याओं का भी उपचार कर ही लेंगे यह भरोसा हम सभी में जगा है.












