Breaking
- आस्था के बच्चों ने जीते पांच पदक, राष्ट्रीय पैरा योगासन स्पर्धा में बनाई जगह
- वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर स्थापित किया भगवा ध्वज, जीर्णोद्धार ...
- लालूटोला में अकीदत और उत्साह के साथ मनाया गया ईद-मिलादुन्नबी
- 53 करोड़ के दिग्विजय स्टेडियम में 50 लाख खर्च के बाद भी मैदान बदहाल, कांग्रेस...
- बच्चों ने बनाई राखियां, स्कूल में लगाया स्टॉल; 8-10 साल से जारी है नवाचार
- स्कूल परिसर में जलभराव से बच्चों की सुरक्षा पर चिंता, शिक्षा मंत्री के नाम सौ...
- 48 किमी डाक कांवड़ यात्रा में दिया नशामुक्ति और फिटनेस का संदेश
- विहिप-बजरंग दल के निशुल्क स्वास्थ्य शिविर में 144 लोगों का हुआ इलाज, डॉक्टरों...
- विशेष पॉक्सो अदालत ने आरोपी को किया दोषमुक्त
- नाबालिग से दुष्कर्म और जबरन देह व्यापार कराने वाले 5 दोषियों को 20-20 साल की ...
भारत में स्कूली शिक्षा में आईसीटी के उपयोग को यूनेस्को की मान्यता मिली

नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के स्कूली शिक्षा विभाग द्वारा विशेष रूप से कोविड-19 महामारी के दौरान पीएम ईविद्या नामक एक व्यापक पहल के अंतर्गत आईसीटी का उपयोग करने के लिए यूनेस्को की मान्यता प्राप्त की है।
17 मई, 2020 को शिक्षा मंत्रालय द्वारा आत्मनिर्भर भारत अभियान के हिस्से के रूप में पीएम ई-विद्या की शुरुआत की गई थी, जो डिजिटल/ऑनलाइन/ऑन-एयर शिक्षा से संबंधित सभी प्रयासों को एकीकृत करता है ताकि बच्चों को प्रौद्योगिकी का उपयोग करके शिक्षा प्रदान करने और सीखने के नुकसान को कम करने के लिए मल्टी-मोड एक्सेस को सक्षम किया जा सके।
केंद्रीय शैक्षिक प्रौद्योगिकी संस्थान (सीआईईटी), स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग (डीओएसईएल), शिक्षा मंत्रालय (एमओई), भारत सरकार के अंतर्गत राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की एक घटक इकाई को यूनेस्को के वर्ष 2021 के लिए शिक्षा में आईसीटी के उपयोग के लिए किंग हमद बिन ईसा अल-खलीफा पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
यह पुरस्कार सतत विकास के लिए वर्ष 2030 एजेंडा और शिक्षा पर इसके लक्ष्य 4 के अनुरूप, सभी के लिए शैक्षिक और आजीवन सीखने के अवसरों का विस्तार करने के लिए नई तकनीकों का लाभ उठाने में नवीन दृष्टिकोणों को मान्यता प्रदान करता है।
बहरीन साम्राज्य के समर्थन से वर्ष 2005 में स्थापित यह पुरस्कार उन व्यक्तियों और संगठनों को पुरस्कृत करता है जो उत्कृष्ट परियोजनाओं को लागू कर रहे हैं और डिजिटल युग में सीखने, शिक्षण और समग्र शैक्षिक प्रदर्शन को बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकियों के रचनात्मक उपयोग को बढ़ावा दे रहे हैं।
एक अंतरराष्ट्रीय निर्णायक मण्डल प्रति वर्ष दो सर्वश्रेष्ठ परियोजनाओं का चयन करती है। प्रत्येक पुरस्कार विजेता को पेरिस में यूनेस्को मुख्यालय में एक समारोह के दौरान 25,000 अमेरिकी डॉलर, एक पदक और एक डिप्लोमा प्रदान किया जाता है, जो इस वर्ष 24 जून, 2022 को आयोजित किया जाएगा।
सभी के लिए शैक्षिक अवसरों को बढ़ाने, शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और देश में शैक्षिक प्रणाली में समानता लाने के लिए सस्ती प्रौद्योगिकी का उपयोग करने के लिए और राष्ट्रीय शिक्षा नीति -2020 की सिफारिशों को ध्यान में रखते हुए, सीआईईटी, एनसीईआरटी के माध्यम से शिक्षा मंत्रालय बड़ी संख्या में ई-बुक्स, ई-कंटेंट - ऑडियो, वीडियो, इंटरेक्टिव, ऑगमेंटेड रियलिटी कंटेंट, इंडियन साइन लैंग्वेज (आईएसएल) वीडियो, ऑडियोबुक, टॉकिंग बुक्स आदि के डिजाइन, विकास और प्रसार में अथक और सावधानी से काम कर रहा है;
स्कूल और शिक्षक शिक्षा के लिए विभिन्न प्रकार के ई-पाठ्यक्रम; ऑनलाइन/ऑफलाइन, ऑन-एयर टेक्नोलॉजी वन क्लास-वन चैनल, दीक्षा, ईपाठशाला, निष्ठा, स्वयं प्लेटफॉर्म पर स्कूल एमओओसी आदि का लाभ उठाकर मुख्य रूप से छात्रों और शिक्षकों के लिए ऑनलाइन क्विज़ जैसे डिजिटल कार्यक्रम आयोजित करना शामिल है।
















